थायराइड क्या है?
थायराइड एक महत्वपूर्ण ग्रंथि है जो गले में स्थित होती है और थायरोक्सिन हार्मोन का उत्पादन करती है। जब इस हार्मोन का संतुलन बिगड़ता है, तो यह शरीर में कई समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। यदि हार्मोन की मात्रा कम हो जाती है, तो मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे सुस्ती और थकान महसूस होती है। इसके विपरीत, जब हार्मोन अधिक बनने लगता है, तो मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है और शरीर की ऊर्जा जल्दी समाप्त होती है। यह समस्या महिलाओं में अधिक पाई जाती है।
थायराइड के प्रकार
हाइपोथायराइडिज्म (Hypothyroidism) – इसमें थायराइड हार्मोन का स्तर कम हो जाता है।
हाइपरथायराइडिज्म (Hyperthyroidism) – इसमें थायराइड हार्मोन का स्तर अधिक हो जाता है।
थायराइड के लक्षण
हाइपोथायराइड के लक्षण:
वजन बढ़ना
कब्ज रहना
भूख कम लगना
स्किन का रूखा होना
ठंड अधिक लगना
आवाज़ में भारीपन आना
चेहरे और आंखों में सूजन
सिर, गर्दन और जोड़ों में दर्द
हाइपरथायराइड के लक्षण:
वजन कम होना
हार्ट बीट तेज होना
अधिक पसीना आना
हाथ और पैरों में कपकपी होना
थायराइड के कारण
अधिक तनाव लेना
आयोडीन की अधिकता या कमी
अनुवांशिकता (Genetic Factors)
प्रेग्नेंसी के दौरान हार्मोनल बदलाव
सोया प्रोडक्ट्स का अधिक सेवन
प्रदूषण से ग्रंथि को नुकसान
प्राकृतिक उपचार और देसी नुस्खे
थायराइड की समस्या को कम करने और इसे नियंत्रित करने के लिए आयुर्वेद में कई प्राकृतिक उपाय मौजूद हैं।
हाइपोथायराइड के लिए उपाय

हल्दी दूध:
हल्दी वाला दूध पीने से थायराइड नियंत्रित होता है।
हल्दी को भूनकर सेवन करना भी लाभकारी होता है।
अश्वगंधा:
रात में एक चम्मच अश्वगंधा चूर्ण को गुनगुने दूध के साथ लें।

बादाम और अखरोट:
इनमें मौजूद सेलेनियम तत्व गले की सूजन को कम करने में मदद करता है।

काली मिर्च:
काली मिर्च का सेवन थायराइड की समस्या को नियंत्रित करता है।
हाइपरथायराइड के लिए उपाय

तुलसी और एलोवेरा जूस:
2 चम्मच तुलसी का रस और आधा चम्मच एलोवेरा जूस मिलाकर सेवन करें।

लाल प्याज:
सोने से पहले गर्दन पर लाल प्याज की मसाज करें और रस को रातभर लगा रहने दें।

हरा धनिया:
हरे धनिए की चटनी बनाकर एक चम्मच चटनी को एक गिलास पानी में घोलकर पिएं।

लौकी का जूस:
सुबह खाली पेट लौकी का जूस पीने से थायराइड नियंत्रण में रहता है।

नींबू की पत्तियां:
नींबू की पत्तियों की चाय पीने से थायराइड हार्मोन का संतुलन बना रहता है।
निष्कर्ष
थायराइड एक गंभीर लेकिन नियंत्रण योग्य समस्या है। यदि इसे प्राकृतिक उपायों से नियंत्रित किया जाए, तो दवाओं पर निर्भरता को कम किया जा सकता है। आयुर्वेद में थायराइड के लिए कई प्राकृतिक नुस्खे मौजूद हैं जो इसे जड़ से खत्म करने में मदद कर सकते हैं।
Dr. (Vaidhya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy, Kankhal Haridwar
Website: adarshayurvedicpharmacy.in
Facebook: Adarsh Pharmacy
Instagram: Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Twitter: Adarsh Pharmacy
YouTube: Adarsh Ayurvedic
Email: aapdeepak.hdr@gmail.com
Contact: 9897902760