आयुर्वेद में फलों के रस का सेवन कई रोगों से निपटने और शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां कुछ घरेलू स्वास्थ्य उपाय दिए गए हैं जो आपको विभिन्न समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं। ये उपाय न केवल स्वास्थ्य लाभ देते हैं बल्कि प्राकृतिक और सुरक्षित होते हैं।
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1. वजन बढ़ाने के लिए
वजन बढ़ाने के लिए आयुर्वेद में दुग्ध कल्प का उल्लेख किया गया है। यह एक पारंपरिक तरीका है जिसमें ड्रायफ्रूट्स, गेहूं के जवारे का रस और फलों के रस जैसे संतरा, आम, अंगूर आदि का सेवन शामिल है। फलों के रस में पाए जाने वाले विटामिन, मिनरल्स और प्राकृतिक शर्करा कुछ लोगों को वजन बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। इसके साथ ही, फलों के रस का सेवन कब्ज की समस्या से भी राहत दिला सकता है, जो पाचन तंत्र को सही रखने में सहायक है।
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2. एसिडिटी के लिए
एसिडिटी की समस्या से परेशान हैं? गाजर-पत्तागोभी, कद्दू और मिश्री, या सेब-पाइनएप्पल का रस कुछ लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। फलों के इन रसों में मौजूद एल्कलॉइन तत्व शरीर में अम्लता को नियंत्रित कर सकते हैं। इसके अलावा, एक गिलास पानी में नींबू का रस और आधा चम्मच मिश्री मिलाकर दोपहर के भोजन से आधे घंटे पहले लेने से भी एसिडिटी की समस्या में राहत मिल सकती है।
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3. गैस के लिए
गैस की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आंवले का चूर्ण एक प्रभावी उपाय हो सकता है। इसे सुबह और शाम लेने से पेट की समस्याओं में आराम मिल सकता है। साथ ही, आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से, सही समय पर भोजन करना और तनावमुक्त रहना भी महत्वपूर्ण होता है। इसके साथ ही, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास करने से गैस और एसिडिटी के लक्षणों में सुधार हो सकता है।
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4. जुकाम के लिए
सर्दी और जुकाम के लिए घरेलू उपाय ढूंढ रहे हैं? कुनकुने पानी में नींबू का रस मिलाकर गरारे करना या उसे धीरे-धीरे पीने से गले की खराश और जुकाम में राहत मिल सकती है। इसके अलावा, तुलसी की पत्तियां, पोदीने की पत्तियां, आधा चम्मच अदरक और गुड़ को पानी में उबालकर तैयार किया गया काढ़ा जुकाम के लक्षणों को कम करने में मददगार हो सकता है। इसमें एक नींबू का रस मिलाने से इसकी प्रभावशीलता और बढ़ जाती है।
निष्कर्ष
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से फलों के रस और प्राकृतिक पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य को संवारने का एक बेहतरीन तरीका हो सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति की शारीरिक प्रतिक्रिया अलग-अलग हो सकती है, इसलिए किसी भी उपाय को नियमित रूप से अपनाने से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें।
Dr. (Vaid) Deepak Kumar
आदर्श आयुर्वेदिक फार्मेसी,
कनखल, हरिद्वार
Email: aapdeepak.hdr@gmail.com
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